माता-पिता के आँखों की रोशनी है वो
भाई-बहन का सहारा है वो.....
बच्चो की मंजिल है वो
पत्नी का आज है वो .....
दोस्तों का प्यारा है वो
समाज का चिराग है वो .....
हर सजीव का रखवाला है वो
उपरवाले का मतवाला है वो .....
हुआ आज कुछ यूँ है ....
या तो इन सब ने उसको बदल दिया है
भाई-बहन का सहारा है वो.....
बच्चो की मंजिल है वो
पत्नी का आज है वो .....
दोस्तों का प्यारा है वो
समाज का चिराग है वो .....
हर सजीव का रखवाला है वो
उपरवाले का मतवाला है वो .....
हुआ आज कुछ यूँ है ....
या तो इन सब ने उसको बदल दिया है
या खुद बदल गया है वो ......
आज इन सबका हथियारा है वो
वो कोई और नही है इन्सान है ..................
भगत
आज इन सबका हथियारा है वो
वो कोई और नही है इन्सान है ..................
भगत
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