Friday, 17 August 2012

हम चाहते है देश बढे 
हम वापीस दुनिया से आगे बढे 
हम बढे तो देश बढे 
हर कीसी के चेहरे पर मुस्कान खीले
हर एक आँगन में दीपक जले 
हर एक आँगन में तुलसी खीले 
हर कीसी का आँगन हँसे 
माँ बाप को ओलाद का प्यार मिले 
वो चाहते है हम बढे हमारे बढे 
हम चाहते है देश बढे 
भगत

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