उन्होंने उनको तो पहचान लिया था
तभी तो वो बगावत पर आये ......
वो उनको पहचान नही पाए थे
जो कुछ उनके साथ आये और
कुछ हमारे साथ आये थे ........
जब घर का भेदी लंका ढाए
तभी तो वो बगावत पर आये ......
वो उनको पहचान नही पाए थे
जो कुछ उनके साथ आये और
कुछ हमारे साथ आये थे ........
जब घर का भेदी लंका ढाए
जब बार ही खेत को खाए
तो कोन किसको बचाए ........
उनकी क्या ओकात थी
हमे हमारी धरा पर
हाथ लगाने की .........
इतनी भी जल्दी नही थी
उनको जाने की........
आपको जरुरत सर उठाने की
आँखों से पट्टी हटाने की
और चेत जाने की ....
अगर भावना रखते हो
देश के लिए कुछ कर गुजर जाने की ......
सब बातें नही होती हैं बताने की
आप को हर खबर है जमाने की .......
भगत सिंह बेनीवाल
तो कोन किसको बचाए ........
उनकी क्या ओकात थी
हमे हमारी धरा पर
हाथ लगाने की .........
इतनी भी जल्दी नही थी
उनको जाने की........
आपको जरुरत सर उठाने की
आँखों से पट्टी हटाने की
और चेत जाने की ....
अगर भावना रखते हो
देश के लिए कुछ कर गुजर जाने की ......
सब बातें नही होती हैं बताने की
आप को हर खबर है जमाने की .......
भगत सिंह बेनीवाल
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